क्या आप भारत के इन घार्मिक जगत के पर्यटनों के बारे में जानते है ?

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धार्मिक पर्यटन : पद्मनाभस्वामी, केरल : पद्मनाभस्वामी मंदिर केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का सबसे धनी मंदिर है. ये थिरुवनंथपुरम केरल में स्थित है. जब 2011 में सुप्रीम कोर्ट मंदिर के मैनेजमेंट को अपने हाथों में लिया था, उसके बाद मंदिर के गुप्त चेंबर्स को खुलवाया गया था. जब मंदिर के अंदर स्थित वॉल्ट्स को खोला गया तो उसमें भारी तादाद में सोना, चांदी और हीरे मिले. कुछ लोगों ने इन सारे खजानों की कीमत 1 ट्रिलियन डॉलर बताई है.


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तिरुमाला तिरुपति वेंक्टेश्वर, आंध्र प्रदेश: इस मंदिर में रोज लाखों की तादाद में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं, ये संख्या उत्सवों के मौकों पर दुगुनी हो जाती है. हर साल भक्तों के मुंडा किए हुए बालों की नीलामी के बाद मंदिर के खजाने में करीब 39 करोड़ रुपये जमा हो जाते हैं. हाल के आंकड़ों के मुताबिक मंदिर के पास काफी रिजर्व में है इसके अलावा 52 टन सोने के आभुषण भी मौजूद हैं जिनकी कीमत 37,000 करोड़ रुपये के आसपास बताई जाती है. मंदिर में रोज 150,000 लड्डू रोज बनाए जाते हैं, जिससे मंदिर सालाना 1करोड़ 10 लाख के आसपास का राजस्व अर्जित करती है.


साईं बाबा मंदिर, शिरडी: माना जाता है कि साईं बाबा 18वीं सदी जीवित थे और भारत में उनके भक्तों की विशाल जनसंख्या है. साईं बाबा की मूर्ति एक 94 किलो सोने के सिंहासन पर बैठती है, जिसकी कीमत बहुत अधिक है. कीमक लगभग 10 करोड़ है. इसे बाबा के दो भक्तों ने समर्पित किया है.


सिद्धिविनायक, मुंबई: मुंबई शहर के सबसे धनी मंदिरों में इस मंदिर का नाम भी शामिल है. रोज यहां करीब 25 हजार से 2 लाख भक्त आते हैं. कोलकाता के एक व्यापारी ने भगवान गणेश पर 3.7 किलो वजन सोने का गुंबद दान किया था. 100 करोड़ से अधिक की वार्षिक आय और 125 करोड़ की फिक्सड डिपॉजिट के साथ, यह आसानी से भारत के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है


मीनाक्षी अम्मन, तमिलनाडु: मीनाक्षी मंदिर मदुरै में स्थित है. इस विशाल मंदिर में 10 दिन के मीनाक्षी तिरुकल्यानम त्यौहार के दौरान लगभग 10 लाख दर्शक आते हैं, जो कि अप्रैल और मई के बीच मनाया जाता है, और हर साल छह करोड़ रुपये से मंदिर की आमदनी बढ़ जाता है. मंदिर में दो स्वर्ण मूर्तिकला वाले विमान और लगभग 33,000 मूर्तियां हैं.


जगन्नाथ मंदिर, पुरी: यह मंदिर पुरी के भगवान जगन्नाथ को समर्पित है – जिसे दरिद्र नारायण के नाम से भी जाना जाता है. 50 करोड़ रुपये की वार्षिक आय के साथ इसकी कुल संपत्ति 250 करोड़ रुपये है. 12 वीं शताब्दी से अपने खजाने के लिए 18 बार इस मंदिर पर हमला किया गया है, जिसमें 7 कक्ष हैं, जिनमें से केवल 2 मंदिर द्वारा खोले गए हैं.


वैष्णो देवी, जम्मू और कश्मीर: जम्मू जिले के कटरा के निकट स्थित यह तिरुपति मंदिर के बाद दूसरा सबसे ज्यादा दौरा किया गया धार्मिक स्थल है. पिछले कुछ वर्षों में मंदिर का राजस्व बढ़ गया है, क्योंकि तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ गई है. मंदिर की वार्षिक आय लगभग 500 करोड़ रुपये की है.


स्वर्ण मंदिर, पंजाब: अमृतसर में स्थित, मंदिर में हर दिन 100,000 से अधिक लोग दर्शन के लिए आते हैं. श्री हरमंदिर साहिब की सोने से ढकी वाली इस इमारत में जब रात में पूरी तरफ लाइट जलाई जाती है तब ये एक अलग ही तरीके से चमकने लगती है. ‘आदि ग्रंथ’ (गुरु ग्रंथ साहिब) में एक चांदी के कैनोपी है, जो कई कीमती पत्थरों से सजा हुआ है. यह चांदी के खंभे द्वारा सपोर्टेड है इस तथ्य के बावजूद मंदिर की कुल संपत्ति अज्ञात रहती है, विशेषज्ञों का दावा है कि स्वर्ण मंदिर भारत में सबसे धनी मंदिरों में से एक है.


सोमनाथ मंदिर, गुजरात: सोमनाथ मंदिर की संपत्ति एक रहस्य बनी हुई है लेकिन माना जाता है कि ये सबसे अमीर मंदिरों में से एक है और इसका लंबा इतिहास रहा है. ‘सोमनाथ’ का नाम ‘चंद्रमा देवता का रक्षक’ माने जाने के बाद रखा गया. माना जाता है कि इस पवित्र मंदिर को भगवान शिव के सम्मान में चंद्रमा द्वारा सोने से बनवाया गया था. 2012 में, सूरत और मुंबई के दो व्यापारियों ने मंदिर को लगभग 11 करोड़ के 36 किलो सोने का दान दिया था.
काशी विश्वनाथ, उत्तर प्रदेश:भगवान शिव के सबसे पुराने निवास में से एक, काशी विश्वनाथ वाराणसी में स्थित है. मंदिर के उल्लेखनीय खंभे और गुंबद शुद्ध सोने से बने हुए हैं. हालांकि मंदिर की संपत्ति सार्वजनिक नहीं हुई है, लेकिन 2005 में, एक पूर्व पुजारी ने 99 किलो सोने और मंदिर की अन्य सम्पत्तियों को छिपाने का मंदिर प्रबंधन पर आरोप लगाया था.


अभिषेक तिवारी ( संवाददाता )  INDIA NEWS 24×7 कानपुर 

 

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