गुजरात में ATS की 4 महिला अफसरों ने दिखाई दिलेरी, जानिए पूरा मामला


अहमदाबाद : आज के समय में महिलाएं क्या नहीं कर रही हैं। घर गृहस्ती के साथ-साथ वह बाहर की दुनिया में भी नाम रोशन करती नजर आ रही है। जहां एक ओर राजनीतिक में महिलाएं अपना हाथ आजमा रही हैं। वहीं दूसरी ओर अपराधियों के लिए भी सख्त होती जा रही हैं और उनको अच्छे से सबक सिखा रही हैं। ऐसा ही एक मामला गुजरात से सामने आया। जहां पर एटीएस की 4 महिला अफसरों ने जंगल में आधी रात को डेढ़ किमी पीछा कर ऐसे आरोपी को पकड़ा, जिसपर 15 लोगों की हत्या का आरोप है।

बता दें कि महिला अफसर संतोक बेन, नितमिका, अरुणा बेन और शकुंतला बेन ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।  वही, संतोक बेन ऑडेदरा ने बताया कि अपराधी जुसब को पकड़ने की तैयारी तीन महीने से चल रही थी। बोटाद के जंगलों में उसकी मूवमेंट की जानकारी एटीएस में जिग्नेश अग्रावत को मिली थी। इसके बाद मुझे,अरुणाबेन गामित, नितमिका गोहिल, शकुंतलाबेन और जिग्नेश अग्रावत को यह टास्क सौंपा गया।
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वहीं, आरोपी के पकड़ जाने के बाद संतोक बेन ने यह भी बताया, “मुखबिर द्वारा बताई गई जगह तक पहुंचने के लिए डेढ़ किमी पैदल चलना पड़ा। ऑपरेशन की गोपनीयता के लिहाज से गाड़ी में वहां जाना सही नहीं था। फिर भी आरोपी को भनक लग गई थी कि पुलिस उसे पकड़ने आ रही है। इसलिए हम उसके ठिकाने के पास पहुंचकर छिपकर बैठ गए। हमने सुबह तक उसके बाहर निकलने का इंतजार किया। जैसे ही वह बाहर निकला, हमने उसे पकड़ लिया।”
वही, एटीएस ने बताया कि सांध का पूरे सौराष्ठ में आतंक था। इसके खिलाफ जबरन वसूली, हत्या और मारपीट के कई केस चल रहे हैं। एटीएस प्रमुख हिमांशु शुक्ला ने बताया कि पुलिस महकमे में सभी को बहादुरी साबित करने का मौका मिलता है। हमने महिला टीम पर भरोसा जताया। सफलता के लिए उन्हें बधाई। साथ ही, आपको बता दें कि आरोपी जुसब अल्ला खा अपने वारदात को अंजाम देकर जंगल में छिप जाता। उसे कोई ट्रैस न कर सके, इसलिए मोबाइल फोन अपने साथ नहीं रखता था। जंगल में एक से दूसरी जगह जाने के लिए घोड़ी का इस्तेमाल करता था।

 

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