आखिर क्यों है इतना ज़रूरी Sex Education


शिक्षा के क्षेत्र में लड़के व लड़कियों को अनेकों प्रकार की शिक्षा का ज्ञान प्रदान किया जा रहा है जिसके चलते उन्हें कई बड़ी बीमारियों की जानकारी प्राप्त होती है जिससे वे आगे चलकर उन बीमारियों का सामना कर सके ऐसी ही एक बीमारी के बारे में बात करने जा रहे हैं जिसकी चर्चा लोग करने में आज भी शर्माते हैं लेकिन एजुकेशन के क्षेत्र में जिसको सेक्स एजुकेशन कहते हैं जिसका युवाओं को ज्ञान दिया जाता है और ये क्यों जरूरी है?…. हम आपको बता दें कि लड़कों और लड़कियों दोनों को मासिक धर्म चक्र के बारे में समझने की जरूरत है ताकि लड़कियाँ इसे प्रकृति की एक सामान्य भूमिका के रूप में स्वीकार कर सकें और लड़कों को माहवारी, टैम्पोन और सेनेटरी पैड से घृणा नहीं करनी चाहिए. इस मुद्दे के प्रति संवेदनशील होने के लिए इसके बारे में जानना आवश्यक है.

वही, आपको बताते चलें कि सेक्स के बारे में जागरूकता फैलाने से गर्भधारण के समय यौन रोग और एचआईवी जैसे बीमारियों सहित अन्य संबंधित मुद्दों के बारे में जागरुकता प्राप्त होगी. डब्लूएचओ के अनुसार, दुनिया में 12 से 19 वर्ष की आयु समूह के 34 प्रतिशत लोग एचआईवी से संक्रमित है.वही, सेक्स शिक्षा युवाओं को जिम्मेदार बना देगी और इस तरह वे उत्सुकता के बजाय संभव परिणाम के पूरे ज्ञान के साथ सेक्स करने का निर्णय लेंगे और बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के इस तरह की प्रतिक्रियाओं का सामना कर सकेगें. साथ ही युवाओं को गर्भ निरोधक सामग्री को खरीदने के लिए शर्म नहीं करनी चाहिए जो कि एक बहुत महत्वपूर्ण पहलू है.

वही, गौरतलब यह है कि बाल यौन उत्पीड़न के शिकार लोगों को समझना होगा कि उनके साथ कुछ गलत किया जा रहा है. जिससे वे अपने माता-पिता को अप्रिय घटनाओं के बारे में सूचित करा सकेंगे. महिला और बाल विकास विभाग के एक अध्ययन से पता चलता है कि देश में करीब 53 फीसदी बच्चे किसी तरह के यौन शोषण का शिकार हुए हैं.

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