सेक्स करते समय आपको हो सकते हैं ये नुक्सान, अपने प्राइवेट पार्ट को सेक्स करते समय नुकसान होने से ऐसे बचाएं !


सेक्स जीवन का एक अहम हिस्सा है. ज्यादातर लोग इसे रोज करने में भी नहीं हिचकिचाते| कई कपल्स सेक्स को लेकर इतने उत्तेजित हो जाते हैं कि वे इसके लिए नए-नए पोजीशन और नई जगहों को एक्सप्लोर करने में जरा भी नहीं हिचकिचाते. इसी चक्कर में कई लोग पूल, तालाब, नदी या बीच के किनारे भी सेक्स करना चालू कर देते हैं,लेकिन एक्सपर्ट्स का जहा तक मानना है कि की ऐसा करने से महिलाओं के प्राइवेट पार्ट के लिए खतरा हो सकता हैं|

जानिये पानी में सेक्स करने से वजाइना को क्या-क्या नुकसान हो सकता हैं

वाटर में सेक्स करने की वजह से महिलाओं को यूटीआई की समस्या भी झेलनी पड़ सकती है. इन-आउट पेनिट्रेटिव सेक्स की वजह से भी महिलाओं में यूटीआई हो सकता है. पूल में मौजूद बैक्टीरिया यूरिनरी ट्रैक्ट के जरिए अंदर पहुंचकर यूटीआई को जन्म दे सकता है. कई लोग सेक्स को अधिक रोमांचक बनाने के लिए पानी में सेक्स करते हैं,लेकिन ऐसा करने से आपको मजा तो आयेगा ही,लेकिन साथ ही पूल के वाटर में मौजूद बैक्टीरिया और अन्य कीटाणुओं से बीमारियां और इंफेक्शन भी हो सकता है. यदि आपको पहले से डायरिया या फिर वायरल से हुई कोई बीमारी है तो वह उसके पूल में घुसने के साथ ही पूरे पानी में फैल सकती है. ऐसे दूषित पानी में सेक्स करने से वजाइना को भारी नुकसान हो सकता है.

लुब्रिकेशन नहीं तो मजा नहीं

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वाटर में सेक्स करने की वजह से लुब्रिकेशन खत्म हो जाता है. दरअसल, वजाइनल लुब्रिकेशन भी पानी ही होता है और जब यह पानी,पूल के पानी से मिलता है तो नेचुरल लुब्रिकेंट जल्दी ही सूख जाता है. सेक्स के दौरान लुब्रिकेशन बेहद जरूरी है,खासकर जब आप पानी में सेक्स कर रहे हैं. इसकी वजह से न सिर्फ पानी में सेक्स करना अच्छा होगा बल्कि यह फटने की स्थिति से भी बचाएगा. अगर ल्यूब फट जाता है तो ऐसे में एक पार्टनर से दूसरे पार्टनर में इंफेक्शन फैलने के चांस अधिक हो जाता है.

इर्रिटेशन और खुजली

समंदर किनारे सेक्स करने से रेत फीमेल प्राइवेट पार्ट (वजाइना) में जा सकती है. रेत चूंकि घर्षण पैदा करती है इसलिए यह अंदर जाकर वजाइना को चोट पहुंचा सकती है और इंफेक्शन का कारण भी बन सकती है. रेत की वजह से वजाइना से लेकर अंदर तक इर्रिटेशन और खुजली हो सकती है.

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