हँसना जरूरी हैं


 

◆ सलमा : सुन, मेरी फेसबुक आईडी बना दे…
इरफ़ान : बना तो दूंगा, मगर तुझे चलानी आती है?
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सलमा : चलानी तो नहीं आती…
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इरफ़ान : चलानी नहीं आती तो फिर क्या करेगी…
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सलमा तो क्या हुआ– चला तुम लेना…
मैं पीछे बैठ जाऊँगी…
नोट– ऐसी गर्लफ्रेंड किस्मत वालों को ही मिलती है।

◆  इरफ़ान सुबह-सुबह फेसबुक खोल कर बैठ गया।
उनकी एक महिला दोस्त नाज़िया ने सैंडविच का फोटो अपलोड करके लिखा – आओ सब नाश्ता करें।
इरफ़ान ने खुश होकर कमेंट किया – बहुत बढ़िया नाश्ता था ! मजा आ गया।
यह सब बातचीत इरफान की बीवी सलमा ने देख ली..
फिर क्या, इरफ़ान को नाश्ता नहीं मिला और चार घंटे बाद सलमा ने पति से पूछा- खाना बनाना है, या आप लंच भी फेसबुक पर नाजिया के साथ करेंगे?

◆ सलमा अपने खाविन्द इरफ़ान से – काश कि तुम एस एम एस का मैसेज होते तो मैं तुम्हें सेव कर लेती, जब चाहे पढ़ लेती !
इरफ़ान – कमीनी, कन्जूस ही रहियो ! सेव ही करके रखियो, अपनी किसी सहेली को फ़ोरवर्ड ना करियो !

◆ मुल्ला : वो जो टेबल पे आदमी बैठा है उस से हमारा दुश्मनी है।
दोस्त : टेबल पे तो 4 आदमी हैं।
मुल्ला : वो जिसकी मूंछे हैं।
दोस्त : मूंछें तो सबकी हैं।
मुल्ला : वो जिसके सफ़ेद कपड़े हैं।
दोस्त : वो तो सबके सफ़ेद हैं।
मुल्ले ने गुस्से में पिस्तौल निकाला और 3 आदमियों को गोली मार दी और जो बच गया उसकी तरफ इशारा कर के बोला इससे मेरी दुश्मनी है। इसको हम नहीं छोड़ेगा।

◆ मुल्ला अपने अब्बू से, “मुझे शादी करनी है।”
अब्बू : बेटा किस के साथ?
मुल्ला : दादी के साथ।
अब्बू : बेगैरत, वो मेरी माँ है।
मुल्ला : तो फिर आपने मेरी माँ के साथ क्यों की?

◆ बिहारी मुल्ला : अरे वो डॉक्टर, कैसे नसबंदी किये हो हमार, बीवी फिर से माँ बनने वाली है?
डॉक्टर : बुडबक! हम नसबंदी तुहार किये हैं, पूरे बिहार की नहीं।

◆ दोस्त(मुल्ले से) : यार तुम्हारा जन्मदिन कब आता है?
मुल्ला : नहीं यार, मेरा जन्मदिन नहीं आता।
दोस्त : ऐसा कैसे हो सकता है? जन्मदिन तो सबका आता है।
मुल्ला: वो मैं रात को पैदा हुआ था, इसलिए मेरा जन्म दिन नहीं आता।

◆ पठान (सिंधी से) : मुझे कोई ऐसा चुटकुला सुनाओ जिसमे मैं ना हूँ।
सिंधी : तुम्हारी बीवी माँ बनने वाली है।

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