कश्मीर से अवैध कब्जा खाली करें पाकिस्तान : संयुक्त राष्ट्र


संयुक्त राष्ट्र : आतंकवाद को पनाह देने वाला देश पाकिस्तान को एक बार फिर से संयुक्त राष्ट्र के हाथों मुंह की खानी पड़ी है. वैसे तो बता दे कि पाकिस्तान का पहले से ही संयुक्त राष्ट्र से कुछ अच्छे संबंध नहीं है. वहीं, अब संयुक्त राष्ट्र ने जम्मू-कश्मीर में पाकिस्तान के अवैध कब्जे पर आवाज उठा दी है. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान अवैध कब्जा खाली करें. आपको बता दें कि यूनाईटेड नेशंस में भारत के राजदूत राजीव चंदर ने आह्वान किया कि ‘पूरा जम्मू-कश्मीर राज्य भारत का अभिन्न अंग है. इसके एक हिस्से पर पाकिस्तान ने अवैध कब्जा जमा रखा है. जो उसे खाली करना चाहिए. इस सदन के सदस्य देशों ने पाकिस्तान के कुतर्कों को दरकिनार करके भारत की बातों को गौर से सुना.

आपको बताते चलें कि जब पाकिस्तान के प्रतिनिधि ताहिर हुसैन अंद्राबी कश्मीर का कतिथ मुद्दा उठा रहे थे उस समय चेयर को छोड़कर अधिकांश सदस्य सदन से बाहर थे, लेकिन जैसे ही भारतीय के राजदूत राजीव चंदर ने बोलना शुरु किया तो सदन खचाखच भरा हुआ था और सभी सदस्य भारत के तर्को पर सहमति भी व्यक्त करते नजर आये. वही, चंदर ने कहा, भारतीय प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को आतंकवाद का जनक करार देते हुए कहा है कि वह इसे स्टेट पॉलिसी के तौर पर इस्तेमाल करता रहा है. संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार परिषद में भारत ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से स्टेट पॉलिसी के तौर पर आतंकवाद का इस्तेमाल केंद्रीय समस्या है. दुनिया को आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वालों की निंदा करनी चाहिए.

भारतीय प्रतिनिधि राजीव चंदर ने बताया कि ‘मुख्य समस्या पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देना है. वही, राजीव चंदर ने संयुक्त राष्ट्र से आह्वान किया कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जानी चाहिए. अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एकस्वर से आतंकवाद की तीखी निंदा करने की जरूरत है. ह्यूमन राइट्स हाई कमिश्नर के साथ इंटरैक्टिव सेशन में भारतीय प्रतिनिधि चंदर ने कहा, ‘हम स्पष्ट तौर पर मानते हैं कि संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की रणनीति होनी चाहिए. यह हम लोगों के लिए अच्छा होगा. हम सभी आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने वाले लोगों की एक स्वर में निंदा करने की जरूरत है.’जम्मू-कश्मीर के मसले को लेकर राजदूत ने कहा कि भारत का पक्ष राज्य के संबंध में पहले ही परिषद में स्पष्ट किया जा चुका है.

LEAVE A REPLY