युवा भाजपा नेता ने बचाई सिपाही की जान, सही समय पर लेकर पहुंचा अस्पताल, बच गयी एक परिवार के बागबान की जान


अनुराग श्रीवास्तव अन्ना ( इंडिया न्यूज़ 24×7 )

“जाको राखै सैयां मार सके न कोए, युवा भाजपा नेता सचिन अवस्थी के प्रयास से शर्मसार होने से बची मानवता” कहते है कि जब तक वो ऊपर वाला नही चाहता है तब तक आपके जिस्म का एक रोयां भी कोई नही छू सकता है, और बात अगर जीने मरने की हो तो जिंदगी अक्सर मौत से जीत जाती जाती है, ऐसा ही एक जीता जागता उदाहरण देखने को उस वक़्त मिला जब एक सिपाही घायल अवस्था मे खोह में तड़प रहा था लेकिन वहां से निकल रहे किसी भी व्यक्ति ने आगे बढ़कर मदद करने की हिम्मत नही जुटाई । उसी समय वहां से निकल भाजयुमो के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सचिन अवस्थी ने मानवता की बड़ी मिशाल पेश की । उन्होंने फौरन अपनी गाड़ी रोककर घायल पड़े सिपाही को आनन फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया और इलाज करवाया ।

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अगर डॉक्टर्स की बात की जाए तो उनका कहना था कि मौसम ने दो दिनों से जिस तरह से अपना रुख बदला है उस कारण ठंड बढ़ जाने से तापमान निरंतर घट रहा है जिसके कारण घायल युवक के शरीर का खून ठंडा पड़ने लगा था, डॉक्टर्स का कहना था कि अगर कुछ मिनट की और देरी हो जाती तो शायद मानवता हार जाती और एक परिवार के घर का भरण पोषण करने वाला बागबान अपनी जिंदगी की जंग हार जाता ।


 

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सबसे बड़ा दुखद विषय ये है कि ये सिपाही घायल अवस्था मे जिस स्थान पर सड़क के पास तड़प रहा था वहीं से नेशनल हाइवे भी गुजरता है पास में ही पुलिस लाइन भी है । लेकिन कोई भी व्यक्ति मदद के लिए आगे नहीं आया । घण्टो सिपाही वहीं में दर्द से कराहता रहा । लेकिन कहते हैं मारने वाले से बचाने वाला अक्सर बड़ा होता है । भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश अवस्थी के पुत्र युवा भाजपा नेता सचिन अवस्थी इस सिपाही के लिए किसी फरिश्ते से कम नही थे । सलाम है ऐसे जज्बे को जिसने मानवता को शर्मसार होने से बचा लिया।


 

प्रदेश कार्य समिति सदस्य के सहयोगी आदेश शुक्ला ने बताया कि यदि समय पर जिला अस्पताल नहीं पहुंचते तो पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ जाती। मौके पर मदद होने से राजनीति और मानवता की जुगलबंदी एक साथ सामने आई है। सत्य है यदि नेताओं के अंदर ऐसी समाजसेवा की भावना जीवंत रहे तो बेशक वर्तमान राजनीति पर जनता का विश्वास बना रहेगा।

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