कतर के ऊर्जा मंत्री शेरिदा काबी ने किया OPEC से अलग होने का फैसला


दोहा : कतर पेट्रोलियम पदार्थों के निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) से अलग होना चाहता है. कतर के ऊर्जा मंत्री शेरिदा काबी ने सोमवार को यह जानकारी दी. काबी ने संवाददाता सम्मेलन में कहा है कि कतर संगठन से अलग होने पर अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करना जारी रखेगा. कतर किसी भी अन्य देश की तरह ऐसा करेगा जो संगठन का सदस्य नहीं है. काबी ने कहा, कतर ने ओपेक की सदस्यता छोड़ने का निर्णय लिया है जो जनवरी 2019 से प्रभावी होगा.

वही, उन्होंने यह भी कहा है कि कतर आगे भी कच्चे तेल का उत्पादन जारी रखेगा लेकिन वह गैस उत्पादन पर अधिक ध्यान देने वाला है क्योंकि वह विश्व में द्रवीकृत प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा निर्यातक है. काबी ने कहा, कच्चा तेल में हमारे लिये अधिक संभावनाएं नहीं हैं. हम वास्तविकता पर यकीन करते हैं. हमारी संभावनाएं गैस में हैं. काबी ने कहा कि ओपेक को घोषणा से पहले ही इस निर्णय के बारे में सूचित कर दिया गया है. कतर ओपेक में 1961 में शामिल हुआ था. ओपेक पर सऊदी अरब का दबदबा चलता है. दोनों देशों के बीच जून 2017 से संबंध खराब चल रहे हैं.

जानिए कब हुआ था OPEC का गठन :-

OPEC पेट्रोलियम निर्यात करने वाले देशों का संगठन है. 1960 के दशक में तेल उत्पादन, कीमतों और नीतियों के समन्वय के लिए बना एक अंतर-सरकारी संगठन है. ये मांग के हिसाब से ये तेल का उत्पादन करता है जिससे कि कमतों में ज़्यादा उतार-चढ़ाव न आए.

साभार : पल-पल इंडिया

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