PK जैसी फिल्म बढ़ चढ़कर देखने वालों को अब वसीम रिज़वी की इस फिल्म से है आपत्ति


आमिर खान स्टार फिल्म PK सभी ने देखी होगी जिसमें हिन्दू आस्थाओं का, हिन्दू आराध्य देवों का जमकर मजाक उड़ाया गया था.  मनोरंजन के नाम सनानत धर्म का अपमान किया, हिन्दू आस्थाओं पर प्रहार किया. लेकिन अब एक फिल्म आ रही है “रामजन्मभूमि” जिसका विरोध शुरू कर दिया गया है. जिन लोगों ने हिन्दू आस्थाओं पर प्रहार PK फिल्म को बढ़ चढ़कर देखा था वो आज “रामजन्मभूमि” फिल्म के विरोध में तनकर खड़े हो गये हैं. आपको बता दें कि रामजन्मभूमि फिल्म को शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी ने बनाया है.
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा अयोध्या मामले पर बनाई जा रही फिल्म ‘रामजन्मभूमि’ का विरोध इस्लामिक तालीम के केंद्र देवबंद ने भी शुरू कर दिया है. देवबंदी उलमा का कहना है कि बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि जैसे संवेदनशील मुद्दे पर फिल्म बनाकर रिजवी हिंदू-मुस्लिमों को निशाना बनाकर मुल्क का माहौल खराब करना चाहते हैं. मजलिस इत्तेहाद-ए-मिल्लत के प्रदेशाध्यक्ष मुफ्ती अहमद गौड़ ने वसीम रिजवी की फिल्म रामजन्मभूमि पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि जो चीज सामाजिक भावनाओं को भड़का कर समाज में विवाद पैदा करती हो सेंसर बोर्ड से ऐसी किसी भी फिल्म को मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए. अयोध्या में बाबरी मस्जिद-रामजन्मभूमि का मुद्दा बेहद पेचीदा है. ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर फिल्म बनाना हिंदू-मुस्लिमों को निशाना बनाकर मुल्क के माहौल को खराब करने की कोशिश है. ऐसे लोगों की वजह से देश में फिरकापरस्ती, फितना और फसाद फैलता है. क्या ऐसे लोग दहशतगर्दी को बढ़ावा नहीं देते.
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मुफ्ती अहमद गौड़ ने कहा कि रामजन्मभूमि का मसला सुप्रीम कोर्ट में अभी सुनवाई में है. ऐसे मुद्दों पर काल्पनिक फिल्म बनाना उचित नहीं है, जबकि 2019 का चुनाव भी करीब है. ऐसे में अगर देश के माहौल में अफरा तफरी पैदा होती है तो वह राजनीतिक व संवैधानिक दृष्टि से देश के प्रजातंत्र को कमजोर करने की साजिश महसूस होती है. इस तरह की चीजों को सरकार, न्यायपालिका व कार्य पालिका इन सब संवैधानिक संस्थानों को मिलकर रोकना चाहिए. ताकि मुल्क में अमनो अमान कायम रहे और लोगों में अपनी सुरक्षा को लेकर अहसास बरकरार रहे.
साभार : सुदर्शन न्यूज

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