वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्टार मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम ने रचा इतिहास, छठी बार जीता गोल्ड मेडल 


जहां एक ओर महिला T-20 विश्व कप में भारतीय महिला क्रिकेट टीम को इंग्लैंड ने हार का मुंह दिखाया. जिसके बाद इस विश्वकप से जुड़ा जीत का सपना भारतीय महिला क्रिकेट टीम टूटा. वहीं दूसरी ओर चल रही महिला विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्टार मुक्केबाज एमसी कॉम ने भारत का नाम एक बार फिर से रोशन किया. आपको बता दें कि मैरीकॉम ने वर्ल्ड चैंपियनशिप में रिकॉर्ड छठी बार गोल्ड मैडल जीता.  ‘मेग्नीफिसेंट मैरी’ नाम से मशहूर 35 साल की भारतीय मुक्केबाज मैरी कॉम ने देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम के के.डी. जाधव हॉल में जारी 10वीं आईबा महिला वर्ल्ड चैंपियनशिप के 48 किलोग्राम भारवर्ग के फाइनल में यूक्रेन की हना ओखोटा को 5-0 से मात देकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया.
बता दें कि मैरी कॉम का यह वर्ल्ड चैंपियनशिप में छठा गोल्ड और कुल आठवां मेडल है. मैरी कॉम वर्ल्ड चैंपियनशिप में छह गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं. उनसे पहले आयरलैंड की कैटी टेलर ने ने 60 किलोग्राम भारवर्ग में 2006 से 2016 के बीच पांच गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे. उनके नाम एक ब्रॉन्ज मेडल भी है. यही नहीं, मैरी वर्ल्ड चैंपियनशिप (महिला एवं पुरुष) में सबसे अधिक मेडल भी जीतने वाली खिलाड़ी बन गए हैं.
वही, मैरी कॉम छह गोल्ड और एक सिल्वर जीत कर क्यूबा के फेलिक्स सेवोन (91 किलोग्राम भारवर्ग) की बराबरी की. फेलिक्स ने 1986 से 1999 के बीच छह गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता था. मैरी कॉम इस जीत के बाद भावुक हो गईं. भावुक मैरी ने कहा, “मैं इस जीत के लिए अपने सभी प्रशंसकों का शुक्रिया अदा करती हूं, जो मुझे यहां समर्थन करने के लिए आए. मैं आप सभी की तहेदिल से शुक्रगुजार हूं. मेरे लिए यह महान पल है.” मैरी कॉम ने अपनी इस जीत को देश के नाम समर्पित किया है.

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