यम चतुर्दशी के दिन जरूर करें ये कार्य, भय से मिलेगी मुक्ति 


दिवाली के आने से पहले ही लोगों के घरों में साफ-सफाई शुरू हो जाती है. कहते हैं कि दिवाली का यह पर्व भगवान राम के 14 वर्ष वनवास काटने के बाद घर आने की खुशी में मनाया गया था जिसको लोग आज भी मनाते हैं. लेकिन आज के समय में दिवाली से पहले धनतेरस, नरक चतुर्दशी उसके बाद दिवाली मनाते हैं. जैसा की आप सभी जानते दिवाली से पहले धनतेरस आता है. इस दिन लोग बाजारों से सोने व चांदी या फिर कुछ नए सामान लाते हैं. उसके बाद नरक चतुर्दशी का दिन आता है. इस दिन को और भी कई नामों से जाना जाता है. आपको बताते चलें कि नरक चतुर्दशी हर साल कार्तिक मास के कृष्ण चतुदर्शी को दिवाली से एक दिन पहले मनाई जाती है. नरक चतुर्दशी को यम चतुर्दशी व रूप चतुर्दशी छोटी दीवाली भी कहा जाता है. इस बार यह पर्व 6 नवंबर, मंगलवार को है. इस दिन यमराज की पूजा व व्रत का विधान है. इस दिन प्रातः काल स्नान करके यम तर्पण एवं शाम के समय दीप दान का बड़ा महत्व है.ऐसा माना जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन कुछ विशेष कार्य कर यम और माता महालक्ष्मी को प्रसन्न कर लेता है. उसे नरक नहीं भोगना पड़ता है.

साथ ही बताया यह भी जाता है कि इस दिन भगवान श्री कृष्ण ने नरकासुर नाम के असुर का वध किया. नरकासुर ने 16 हजार कन्याओं को बंदी बना रखा था. वही, शास्त्रों में कहा गया है कि नरक चतुर्दशी कलयुग में मानव योनि में उत्पन्न हुए लोगों के लिए बहुत उपयोगी है. नरकचतुर्दशी के दिन अभ्यंगस्नान, यमतर्पण, आरती, ब्राह्मणभोज, वस्त्रदान, यमदीपदान, प्रदोषपूजा, शिवपूजा, दीपप्रज्वलन जैसी धार्मिक विधियां करने से कोई भी मनुष्य अपने सभी पाप बंधन से मुक्त हो कर हरीपद को प्राप्त कर सकता है.

यम पूजा के लिए शुभ मुहूर्त :-

सुबह: 6 नवंबर को 9:32 से 11:45 तक

दोपहर: 6 नवंबर को 12:05 से 1:22 तक

शाम: 6 नवंबर को 05:40 से 7:05 तक

नरक चतुर्दशी के दिन जरूर करें ये काम :-

• नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर शरीर पर तेल लगाकर ही स्नान करें.

• सूर्योदय के बाद स्नान बिल्कुल न करें. ऐसा करने से सालभर के शुभ कार्यों का फल नष्ट हो जाता है.

• स्नानादि कर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर यमराज से प्रार्थना करें. ऐसा करने से सालभर के पाप नष्ट हो जाते हैं.

• नरक चतुर्दशी की शाम देवताओं का पूजन करके घर, चौखट, सड़क, नाली आदि प्रत्येक स्थान पर दीपक जलाकर रोशनी अवश्य करें.

• इस दिन घर के प्रत्येक स्थान को स्वच्छ कर, वहां दीपक लगाना चाहिए. ऐसा करने से घर में स्थायी लक्ष्मी का वास और दरिद्रता का नाश होता है.

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