फिल्म समीक्षा : साफ-सुथरी कॉमेडी के साथ फैमली को खूब हंसाती है- हैप्पी

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स्टार कास्ट: सोनाक्षी सिन्हा, जिमी शेरगिल, पियूष मिश्रा, डायना पेंटी, अली फजल, जस्सी गिल, जैसन थॉम
डायरेक्टर: मुदस्सर अज़ीज़


रेटिंग: ***
‘हैप्पी फिर भाग जाएगी’ एक हल्की फुल्की इंटरटेनिंग फिल्म है जो आपको हंसाती है, गुदगुदाती है. ये 2016 की हिट फिल्म ‘हैप्पी भाग जाएगी’ का सीक्वल है जिसमें डायना पेंटी, जिम्मी शेरगिल, अभय देओल और अली फजल लीड रोल में थे.अब सीक्वल से अभय देओल बाहर हैं और सोनाक्षी सिन्हा, जस्सी गिल की एंट्री हुई है. इस फिल्म की सबसे खूबसूरत बात यही है कि अगर आपने पिछली फिल्म नहीं भी देखी है तो भी इसकी कमी आपको नहीं खलेगी. फिल्म कहीं भटकती नहीं है और सभी एक्टर्स को बराबर मौक भी दिया गया है जो कहीं चूकते नहीं हैं.


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कहानी
पिछली फिल्म में हैप्पी पटियाला से पाकिस्तान पहुंच जाती है और बहुत सारी कन्फ्यूजन होती है. लेकिन यहां फिल्म की कहानी आपको पटियाला और दिल्ली से होते हुए चीन के शंघाई पहुंचाती है. यहां एयरपोर्ट पर पहली हैप्पी (डायना पेंटी) अपने पति के साथ कंसर्ट में पहुंचती है और दूसरी हैप्पी (सोनाक्षी सिन्हा) अपनी प्रोफेसर की नौकरी के लिए पहुंचती है.


पहले से ही हैप्पी के किडनैपिंग की प्लानिंग रहती है लेकिन कन्फ्यूजन में एक हैप्पी की जगह दूसरी हैप्पी का अपहरण हो जाता है. इसके बाद अचानक पटियाला से दमन बग्गा (जिम्मी शेरगिल) और पाकिस्तान से उस्मान अफरीदी (पियूष मिश्रा) की किडनैपिंग होती है और वो चीन पहुंच जाते हैं. यहीं से शुरु होता है सियापा. इसमें हैप्पी की मुलाकात एंबेसी में काम करने वाले खुशवंत सिंह (जस्सी गिल) से होती है. इन सभी का कनेक्शन एक है. आखिर किडनैपिंग करने वाले हैप्पी के पीछे क्यों पड़े हैं? आखिर ये पूरी कन्फ्यूजन कैसे दूर होती है? और इन सब का पाकिस्तान से क्या कनेक्शन है? ये जानने के लिए आप फिल्म देखिए.


एक्टिंग

‘अकीरा’, ‘नूर’, ‘इत्तेफाक’ और ‘वेलकम टु न्यूयॉर्क’ जैसी फ्लॉप फिल्में देने के बाद अब सोनाक्षी सिन्हा इसमें आपको राहत देने वाली हैं. पिछली फिल्म में डायना पेंटी को हैप्पी के रोल के लिए काफी तारीफें मिली थीं. इसमें भी सोनाक्षी कहीं भी निराश करने का मौका नहीं देतीं. सोनाक्षी की पर्सनैलिटी भी दबंग लगती है जिससे उनका किरदार और भी मजबूत लगता है.


जिम्मी शेरगिल को लेकर ये कहा जा सकता है कि वो फिल्म की जान हैं. इसमें जिम्मी शेरगिल का साथ देते हैं पियूष मिश्रा. दोनों फिल्म में एक ही जगह नज़र आते हैं. डायलॉग हो या फिर कॉमेडी दोनों ने मिलकर खूब हंसाते है. एक जगह जिम्मी शेरगिल कहते हैं कि ‘तू मेरा बड़ा भाई है’ तो पियूष मिश्रा का जवाब होता है, ‘तुझे सच में चढ़ गई है एक पाकिस्तानी को भाई बता रहा है…’. इस फिल्म के सारे हिट डायलॉग्स इन्हीं दोनों के हिस्से हैं.

जिम्मी शेरगिल को देखकर आपको ‘तनु वेड्स मनु’ सीरिज के राजा अवस्थी याद आ जाएंगे…जो शादी के लिए हमेशा तैयार तो रहते हैं लेकिन लड़की भाग जाती है. चुकि ‘तनु वेड्स मनु’ सीरिज और इस फिल्म के को-प्रोड्सूर आनंद एल रॉय है. फिल्म में उनके अपने अंदाज की झलक भी मिलती है.

पंजाबी सिंगर और एक्टर जस्सी गिल इस फिल्म से बॉलीवुड में डेब्यू कर रहे हैं. शुरुआत में तो उन्हें देखकर कुछ खास नहीं लगता लेकिन कुछ ही देर में वो रफ्तार पकड़ते हैं तो फिर सभी दमदार एक्टर्स को कड़ी टक्कर देते हैं. आखिर तक उन्हें देखकर लगता नहीं कि वो हिंदी फिल्म में पहली बार काम कर रहे हैं.

कोरियोग्राफ और एक्टर जैसन थॉम इसमें चीन के किडनैपर की टीम में हैं. उनके हावभाव और डायलॉग डिलीवरी बहुत शानदार है. इसके अलावा बाकी एक्टर्स भी कहीं आलोचना का मौका नहीं देते.


डायरेक्शन
इस फिल्म को मुदस्सर अज़ीज़ ने डायरेक्टर किया है. फिल्म की कहानी भी उन्होंने लिखी है और डायलॉग्स भी उन्हीं का है. उन्होंने सीक्वल में कुछ ही किरदारों को एंट्री दी है लेकिन कहानी बिल्कुल अलग दिखाते है. चीन में अपनी कहानी को बढ़ाते समय वो बिल्कुल भी कन्फ्यूज नहीं हुए हैं और अपने कैरेक्टर्स के माध्यम से हर तरह के लोगों को पर्सनल अप्रोच किया है. इसमें दिल्ली का टच भी मिलता है, पटियाला को लेकर इमोशनल एंगल है. चीन का किडनैपर वहां को लोगों को हिंदी में शायरी सुनाकर तालियां बजवाता है. ये ऐसी बातें हैं जो खुद-ब-खुद देखने वाले की दिलचस्पी बढ़ा देती हैं. फिल्म के किरदारों में बहुत कन्फ्यूजन हैं लेकिन पर्दे पर दिखाते समय दर्शक के मन में कोई कन्फ्यूजन नहीं होता.

डायलॉग्स में भारत, पाकिस्तान और चीन के रिश्तों को लेकर जिस तरह कटाक्ष किया गया है उसे भी सुनकर भावनाएं आहत नहीं होती लेकिन एक मिनट के लिए आप सोचने पर मजबूर जरुर होते हैं.

फिल्म में अगर आप ज्यादा दिमाग लगाएंगे तो कमियां कई सारी है लेकिन उन्हें नज़रअंदाज किया जा सकता है. फिल्म कुल पौने तीन घंटे की है जिसे थोड़ा कम किया जा सकता था. साथ ही इस सीरिज के फैंस के लिए ये अच्छी खबर है कि फिल्म जिस मोड़ पर खत्म होती है उससे ये साफ हो गया है कि इसका अगला पार्ट भी जरुर आएगा.


म्यूजिक
इस फिल्म के गाने फिल्म का कहानी के अनुरुप है जो अच्छे लगते है. फिल्म के गाने भी कमर जलालंबदी के साथ खुद डायरेक्टर मुदस्सर अज़ीज़ ने ही लिखे हैं. टाइटल सॉन्ग हैप्पी भाग जाएगी पूरी फिल्म में कुछ-कुछ देर में चलता रहता है और कहानी को आगे बढ़ाता है. 1958 की फिल्म हावड़ा ब्रिज का पॉपुलर गाना ‘मेरा नाम चिन चिन चु’ को इसमें रिक्रिएट किया गया है जिसे खुद सोनाक्षी, जस्सी गिल और मुदस्सर अज़ीज़ ने गाया है. इसमें ‘मेरा नाम चिन चिन चु’ सहित कुल पांच गाने है जिन्हें सुनकर मजा आता है.


 

क्यों देखें/ना देखें
काफी समय बाद बॉलीवुड में एक ऐसी कॉमेडी फिल्म आई है जो साफ सुथरी है. इसमें हर एक कैरेक्टर की अपनी इमोशनल कहानी भी है जो आखिर तक आपको बांधे रखती है. इसे आप परिवार और बच्चों के साथ देख सकते है. लेकिन अगर आप फिल्मों में ज्यादा लॉजिक लगाते हैं तो ये फिल्म नहीं पसंद आएगी.

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