मृत्युदंड के कानून को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दी मंजूरी, जानिए वजह


दिल्ली : जहां एक ओर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी विधेयक कानून पर अपनी मुहर लगा दी है. जिससे अब विजय माल्या व नीरव मोदी जैसे अपराधियों पर कानूनी प्रक्रिया से लगाम लगेगी. वहीं दूसरी ओर आज राष्ट्रपति ने एक और कानून अपराध संशोधन पर हस्ताक्षर कर दिए हैं जिससे देशभर नाबालिग लड़कियों के साथ बलात्कार जैसी घटनाओं पर रोक लगेगी. आपको बताते चलें कि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपराध कानून (संशोधन) अधिनियम, 2018 को मंजूरी दे दी है जिसमें कड़े दंड का प्रावधान है. इसमें 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से बलात्कार करने वालों को मृत्यु दंड की सजा देने की व्यवस्था है. यह संशोधन 21 अप्रैल को जारी अपराध कानून संशोधन अध्यादेश का स्थान लेगा. कठुआ में एक नाबालिग लड़की और उन्नाव में एक महिला से बलात्कार के बाद इस अध्यादेश को जारी किया गया था.

आपको बता दें कि इस अधिनियम को अपराध कानून (संशोधन) अधिनियम 2018 का नाम दिया गया है. वही, अधिनियम से भारतीय दंड संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872, दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा कानून, 2012 में भी संशोधन होगा. संसद ने पिछले हफ्ते कानून में संशोधन की मंजूरी दी थी. जिसके बाद राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दे दी है. गृह मंत्रालय ने अपराध कानून (संशोधन) विधेयक को तैयार किया था. जिसमें 16 साल और 12 साल से कम उम्र की लड़कियों से बलात्कार करने वालों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है. 12 साल से कम उम्र की लड़कियों के बलात्कारियों के लिए मौत की सजा का प्रावधान है. वही महिला से साथ बलात्कार के मामले में न्यूनतम सजा को सात साल से बढ़ाकर दस साल किया गया है

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