कोर्ट ने लिया कैंसर पीड़ित माली के हक में एेतिहासिक फैसला, मिलेगा इतने अरब का मुआवजा


सैन फ्रांसिस्को : आज एक अदालत ने कैंसर पीड़ित के हक में ऐतिहासिक फैसला सुनाया. जिसमें अदालत ने पीड़ित को उसके हक की रकम बीज और कीटनाशक कंपनी मोन्सेंटो को 29 करोड़ डॉलर (करीब 20 अरब 3 करोड़ 75 लाख 50 हजार रुपए) चुकाने का आदेश दिया है. आपको बता दें कि लिफॉर्निया के माली जॉनसन के शरीर पर 2014 में एक लाल चकत्ता हुआ. वही पता चला कि यह एक नॉन हॉजकिन लिम्फोमा कैंसर है. यह कैंसर शरीर के लाल रक्त कणों पर असर डालता है. जॉनसन ने कैलिफॉर्निया के एक स्कूल में काम करने के दौरान मोन्सेंटो के केमिकल का काफी इस्तेमाल किया था. जिससे उसे यह बीमारी हुई थी. जिसके चलते काफी समय से बीज व कीटनाशक कंपनी मोन्सेंटो के खिलाफ केस चल रहा था.

बता दें कि कैंसर से मर रहे माली के हक में फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कहा है कि कंपनी ने माली को इस बात की चेतावनी नहीं दी थी कि उनके खरपतवार नाशक से कैंसर भी हो सकता है. कोर्ट ने माना कि डिवेन जॉनसन नाम के माली के इस केस में कंपनी का व्यवहार द्वेषपूर्ण था. वही कोर्ट ने यह भी कहा कि उनकी खरपतवार नाशक दवा राउंडअप और रेंजरप्रो ने जॉनसन की इस खतरनाक बीमारी में भूमिका रही. 8 हफ्तों तक चले ट्रायल के बाद कोर्ट ने मोन्सेंटो पर 25 करोड़ डॉलर का दंडात्मक हर्जाना लगाया. इसके साथ क्षतिपूर्ति मुआवजा (3 करोड़ 80 लाख डॉलर) और अन्य चीजें जोड़ने के बाद यह रकम 29 करोड़ डॉलर के करीब आ गई है. यानी माली को 3 करोड़ 80 लाख डॉलर का मुआवजा मिलेगा.

गौरतलब है कि कोर्ट के इस फैसले के साथ मुकदमा जीतने के बाद 46 साल के जॉनसन ने कहा कि वह जूरी के सारे सदस्यों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई का उद्देश्य काफी बड़ा है और उन्हें उम्मीद है कि अब इसपर सबकी नजर जाएगी. इस मामले में फैसला सुनाने के दौरान जॉनसन अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और रो पड़े.

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