पीएम मोदी व चीन राष्ट्रपति शी जिनपिंग किसी भी समझौते पर नहीं करेंगे हस्ताक्षर


बीजिंग : जहां एक और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश-विदेश की यात्रा करके दोस्ती का हाथ बढ़ा रहे हैं. बता दें कि पिछले साल ही पीएम मोदी नेे अमेरिका दौरे पर जाकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात कर औपचारिक समझौतों पर अपना अपना योगदान दिया. साथ ही साथ राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सपरिवार भारत आनेेे न्योता भी दिया. वही दूसरी ओर खबर यह आ रही है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग व भारत के पीएम मोदी के साथ बैठक करेंगे. आपको बता दें कि चीन के उप विदेश मंत्री कांग जुआनऊ ने मंगलवार को कहा कि इस सप्ताह चीन के मध्यवर्ती शहर वुहान में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच दो दिवसीय अनौपचारिक शिखर बैठक में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति बन सकती है. कांग ने भारतीय और चीनी पत्रकारों से कहा, यह चीन और भारतीय नेताओं के बीच अभूतपूर्व शिखर बैठक (27-28 अप्रैल) होगी. उन्होंने कहा, शी और मोदी, को अंतरंग मित्र बनने और दिल से बातचीत करने की जरूरत है.

आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग इस हफ्ते होने वाली अनौपचारिक शिखर वार्ता के दौरान न तो किसी अग्रीमेंट पर साइन करेंगे और न ही जॉइंट प्रेस स्टेटमेंट इशू करेंगे. यह जानकारी चीन के उच्च अधिकारियों ने दी. उन्होंने बताया कि इस दौरान दोनों देशों के नेता आपसी समन्वय को मजबूत करने और पुराने मुद्दों को लेकर सहमति बनाने की कोशिश करेंगे.शी और मोदी 27-28 अप्रैल को मध्य चीन के वुहान शहर में एक ” अनौपचारिक शिखर वार्ता ” करेंगे ताकि द्विपक्षीय संबंधों में सुधार हो और परस्पर चिंता के वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हो.

वही खबरों के मुताबिक बताया जा रहा है कि दोनों नेता पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन जैश – ए – मुहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से पाबंदी लगाए जाने जैसे मुद्दों पर चर्चा करे. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वीटो की ताकत से लैस चीन ने अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित कराने के भारत के प्रयासों में बार – बार अड़ंगा लगाया है. सूत्रों ने बताया कि दोनों नेता खुले मन से चर्चा करेंगे और किसी समझौते पर दस्तखत होने की संभावना नहीं है. अनौपचारिक शिखर वार्ता की जगह पर अधिकारियों की मौजूदगी बहुत कम रखी जाएगी. आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि दोनों नेता मुख्यत : अनुवादकों की मौजूदगी में एक – दूसरे से मुखातिब होंगे. मोदी 26 अप्रैल की शाम को वुहान आएंगे और अगले दिन शी के साथ अनौपचारिक वार्ता करेंगे. उनकी वार्ता 28 अप्रैल की दोपहर तक जारी रहने की संभावना है. इसके बाद प्रधानमंत्री लौट जाएंगे.

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