गरीब सवर्णों को मिलना चाहिए 15 प्रतिशत आरक्षण : रामविलास पासवान


दिल्ली : इनदिनों आरक्षण व दलितों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार का मामला, देशभर में जोरों-शोरों के साथ उठाया जा रहा है. राजनीति में पक्ष हो या विपक्ष हो एक दूसरे पर इन मुद्दों को लेकर आरोप आरोप लगा रहे हैं. वहीं कुछ दिग्गज नेता इन मुद्दों पर अपनी राय भी दे रहे हैं. आपको बता दें कि इस मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात को रखा. इस प्रेस कांफ्रेंस के दौरान केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि गरीब सवर्णों को भी आरक्षण मिलना चाहिए और प्रोन्नति में आरक्षण मिलनी चाहिए. अगर सुप्रीम कोर्ट नहीं मानती है तो, हमलोग इंडियन ज्यूजिशियल सर्विस के गठन के पक्ष में हैं. उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार दलितों के साथ है. और हमारी सरकार ने जितना दलितों के लिए सोचा है उतना किसी भी सरकार ने नहीं सोचा है. केंद्रीय मंत्री ने समाजवादी पार्टी पर आरोप लगाया है कि प्रोन्नति में आरक्षण का मामला उनकी वजह से लटका है. हमारी सरकार प्रोन्नति में आरक्षण को जारी रखेगी.

बताया जा रहा है कि देशभर में आरक्षण का मुद्दा जोर-शोर से उठाया जा रहा है. एक तरफ दलितों के आरक्षण की बात हो रही है. तो वहीं, सवर्णों के आरक्षण का भी मुद्दा तुल पकड़ता जा रहा है. आरक्षण के लिए हाल ही में दलितों ने देशभर में भारत बंद के दौरान हंगामा मचाया था. जिसके बाद सवर्णों की ओर से भी आरक्षण की मांग शुरू हो गई. आरक्षण के मुद्दे पर अब सरकार भी घिरने लगी है. चुकि 2019 के चुनाव का समय अब निकट आता जा रहा है तो सरकार इस मुद्दे पर दलितों और सवर्णों को साथ लेकर चलना चाहती है.

वही, केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान जहां दलितों के आरक्षण को जारी रखने की बात कह रहे हैं. वहीं, अब वह गरीब सवर्णों को भी आरक्षण दिलवाना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरी में 15 फीसदी आरक्षण देने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार प्रोन्नति में आरक्षण जारी रखने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. लेकिन प्रोन्नति में आरक्षण मामला समाजवादी पार्टी की वजह से लटका हुआ है. सरकार एससी-एसटी एक्ट को मजबूत करने के लिए अध्यादेश लाने के पक्ष में है. अगर सुप्रीम कोर्ट का फैसला पक्ष में नहीं आता है तो हम इंडियन ज्यूजिशियल सर्विस के गठन के पक्ष में हैं.

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